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२०१८ की चुंनिंदा प्रादेशिक कहानियां

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  • २०१८ की चुंनिंदा प्रादेशिक कहानियां
    २०१८ की चुंनिंदा प्रादेशिक कहानियां

नया साल शुरू तो हो गया लेकीन हम शायद पिछले साल के हंसीं पलों को याद कर रहे हैं। २०१८ की हमारी एक महत्त्वपूर्ण पहल थी प्रादेशिक भाषाओं में विज्ञान प्रसार। इस की वजह से सम्मोहक विज्ञान कहानियाँ भाषा की सीमाएं पर कर दूर दूर तक पहुँची। कन्नड भाषा से शुरुआत करते हुए हमने हिंदी, मराठी और असमिया में अच्छा प्रदर्शन किया। हमें आशा है कि २०१९ में हम और अच्छा प्रदर्शन करें। पेश कर रहे हैं आप के लिए कुछ प्रादेशिक रस

हिंदी : आबादी का एक महत्त्वपूर्ण हिस्सा हिंदी भाषा का उपयोग करता है, तो हिंदी  में विज्ञान का प्रसार एक स्पष्ट विकल्प है। हिंदी में लिखी २०१८ की कुछ दिलचस्प कहानियाँ

1. क्या हम जानते हैं कि भारत में सुपरबग बहुतायत में हैं और क्या हमे इसकी कोई परवाह है?
2. ओनीर - शुद्ध पेय जल की परेशानी का हल सी.एस.आई.आर. के पास
3. स्पिंट्रोनिक्स: उपकरणों को ऊर्जा प्रदान करने लिए इलेक्ट्रॉन चक्रण का उपयोग
4. एकीकृत कचरा प्रबंधन
5. अपर्याप्त वर्षा का सम्बन्ध एरोसोल से जुड़ा है

असमिया : पूर्वोत्तर के आसाम राज्य की भाषा में लोगों तक विज्ञानं पहुँचाने के हमारे प्रयास को वाचकों ने पसंद किया और वाचकों के समर्थन के लिए हम उनके आभारी है। कुछ रोचक लेख असमिया में

1. ভাৰতবৰ্ষত দুটা সময় ক্ষেত্ৰৰ প্ৰাসংগিকতা
2. অসমত বনৰৌৰ চিকাৰ: কাৰণ, পৰিণতি আৰু প্ৰতিকাৰ
3. ব্ৰহ্মপুত্ৰ নদীৰ প্লাৱন-ভূমিৰ ভূ-জলত থকা আৰ্চেনিক, ফ্ল`ৰাইড আৰু ইউৰেনিয়ামে শিশুৰ স্বাস্থ্যত বিৰূপ প্ৰভাৱ পেলাইছে নেকি?
4. বাঁহ গছৰ ফলটোৰ ভিতৰত কি আছে?
5. ঔষধ প্ৰতিৰোধী কেন্সাৰৰ প্ৰতিকাৰৰ দিশত এখোজ

कन्नड़: प्रादेशिक भाषओं में विज्ञान के बारे में लिखने के प्रयास की हमारी शुरुआत कन्नड़ से हुई, और वाचकों और वृत्तपत्रों से हमें अच्छी प्रतिक्रियाएं प्राप्त हुई।  कन्नड़ में कुछ कहानियाँ

1. ಭಾರತೀಯ ದ್ರಾವಿಡ ಭಾಷಾ ಕುಟುಂಬದ ವಯಸ್ಸು ೪೫೦೦ ವರ್ಷಗಳು!
2. ತಾರಾಗಣದಲ್ಲೊಂದು ವಿಶಿಷ್ಟ ದ್ರವ್ಯ ಪತ್ತೆ
3. ಆಹಾರ ಕೋರಿಕೆಯ ಮರ್ಕಟ ಮಾರ್ಗ!
4. ಜೀವವೈವಿಧ್ಯತೆಯ ಒಡಂಬಡಿಕೆ ವರವೇ? ಶಾಪವೇ?
5. a. ಭಾರತದ ಉದ್ದಗಲಕ್ಕೂ ಹರಡಿದ 'ಸೂಪರ್ ಬಗ್'ಗಳು!
    b. 'ಸೂಪರ್ ಬಗ್'ಗಳಿಗೆ ಪ್ರತಿಜೀವಕ ಮಾತ್ರೆಗಳು ಹಬ್ಬದೂಟವೇ?
    c. ಆಸ್ಪತ್ರೆಗಳು ಮತ್ತು ಆರೋಗ್ಯಸೇವೆಯು ಕಾಯಿಲೆಗಳನ್ನು ಸೋಲಿಸುತ್ತವೆ ಎಂಬುದು ಮರೀಚಿಕೆಯೇ?

मराठी: पश्चिम भारत के लोगों तक उनकी भाषा में विज्ञानं पहुंचाने का हमारा प्रयास हमने मराठी से शुरू किया. मराठी में कुछ चुने लेख

1. पुण्यातील टेकड्यांचे भविष्य – माळरान की वनराई
2. भारतीय कृषि क्षेत्रावर जलवायु परिवर्तनाचा प्रभाव
3. फवार्‍याचे गुपित
4. पुनर्वापर करता येणाऱ्या अतिस्वनातीत वाहनांसाठी औष्णिक संकल्पन
5. अहो आश्चर्यम् ! संगणकदेखील आता तुमच्या बोलण्यातील उपरोध ओळखू शकेल !

हम फिर एक बार हमारे वाचकों का और अनुवादकों को धन्यवाद देते हैं, जो कारण हैं की हम भाषा की सीमाएं पार कर हर घर तक विज्ञान पहुँचा सके।