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News

बेंगलुरु | जून 10, 2019
Photo: Hemidactylus  vijayraghavani sp. by Zeeshan A. Mirza

कर्नाटक में खोजी गयी छिपकली की एक नयी प्रजाति को हेमिडेक्टीेलस विजयराघवानी नाम दिया गया है, जो भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, प्राध्यापक विजयराघवन के नाम से प्रेरित है।

इस खोज के श्रेयस्कर राष्ट्रीय जीवविज्ञान केंद्र (एन सी बी एस), बेंगलुरु स्तिथ प्राध्यापक विजयराघवन की प्रयोगशाला से जुड़े शोधकर्ता श्री जीशान मिर्ज़ा हैं. इस अध्ययन के परिणाम, शोधपत्रिका फैलोमेडुसा में प्रकाशित हुए हैं, और इसे सिन्गिनवा कन्सेर्वटिव फाउंडेशन एवं न्यूबै ट्रस्ट लिमिटेड की ओर से आंशिक वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।

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Bengaluru | जून 6, 2019
दवा-प्रतिरोधी रोगाणुओं को बाहर निकालने के लिए एक जांच-सूची

वैज्ञानिकों ने सुपरबग के खिलाफ अस्पतालों को इससे निपटने के लिए अनुशंसित कार्यों का एक समूह प्रस्तावित किया है।

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दिल्ली | जून 3, 2019
पश्चिमी घाट में संकरे मुँह वाले मेंढक की एक नई प्रजाति खोजी गई

हाल ही में हुए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने केरल के पश्चिमी घाट में मेंढक की एक नयी प्रजाति खोजी है। माइक्रोहाइला डरेली नामक यह प्रजाति माइक्रोहाइला जीनस  से संबंधित है जिसे आमतौर पर संकरे-मुँह वाला मेंढक कहा जाता है क्योंकि इसका शरीर त्रिकोणीय-आकृति और नुकीले थूथन वाला है। इस प्रजाति  के मेंढक जापान, चीन, भारत, श्रीलंका और दक्षिणपूर्व एशिया में फैले हुए हैं।

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Bengaluru | मई 30, 2019
क्या पक्षी नगरों के  बजाए देहात का  शांत वातावरण पसंद करते हैं ?

के टी हेच रॉयल इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी स्वीडन,बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसाइटी, आरहूस यूनिवर्सिटी डेनमार्क आई सी पी ओ ‘बॉयोलॉजिस्ट्स फॉर नेचर कंज़र्वेशन’ रूस और यूनिवर्सिटी ऑफ़ वाशिंगटन, यू एस ए ने शहरीकरण का पक्षियों की विविधता पर प्रभाव का अध्ययन किया है। 

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दिल्ली | मई 19, 2019
विषम कोशिकाओं को ढूंढकर बाहर निकालना

आईआईटी और आईआईआईटी दिल्ली के शोधकर्ताओं ने दुर्लभ कोशिकाओं को खोजने के लिए एक एल्गोरिदम डिज़ाइन किया है।

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Guwahati | मई 13, 2019

दीपावली जैसे त्योहारों के दौरान आतिशबाजी का व्यापक उपयोग, बड़ी मात्रा में हानिकारक गैसों और विषाक्त पदार्थों को वायुमंडल में छोड़ता है। परिणामस्वरूप, वायु प्रदूषित हो जाती है जो हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकती है। हाल ही के अध्ययन में, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, गुवाहाटी और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, दिल्ली के शोधकर्ताओं ने दीपावली के दौरान पटाखों से होने वाले अत्यधिक वायु और ध्वनि प्रदूषण और स्वास्थ्य पर उनके संभावित प्रभाव का विश्लेषण किया है। अध्ययन के परिणाम स्वास्थ्य और प्रदूषण की विख्यात पत्रिका ‘जर्नल ऑफ हेल्थ एंड पॉल्युशन ‘में प्रकाशित किए गए हैं

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बेंगलुरु | अप्रैल 28, 2019
एक संगलित जीन का एक अरब साल पुराना क्रम विकास सम्बन्धी रहस्य सुलझा।

भारतीय विज्ञान संस्थान-बेंगलुरु, सीडर-सायनाइ मेडिकल सेंटर-यूएसए और क्लीवलैंड क्लिनिक फ़ाउंडेशन- यूएसए के शोधकर्ताओं द्वारा एक अध्ययन में जीवन के विकास को लेकर लम्बे समय से अनसुलझा एक  रहस्य सुलझाया गया लगता है। ‘द जर्नल ऑफ बायोलॉजिकल केमिस्ट्री’ में प्रकाशित अध्ययन, आज से करीब एक अरब साल पहले के जानवरों के पूर्वजों में दो जीनों के संलयन के बारे में एक ठोस व्याख्या प्रदान करता है।

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मुंबई | अप्रैल 4, 2019

बैंकिंग लेनदेन से लेकर, रक्षा और निगरानी अनुप्रयोगों तक सुरक्षित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की आवश्यकता सभी स्तरों पर व्याप्त है। संयुक्त राज्य अमेरिका की हाल ही की रिपोर्टों में, चीन के चिप निर्माता की जासूसी या वाणिज्यिक अमेरिकी चिप्स पर गहरी सुरक्षा होने का संदेह है, इस तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को विकसित करने के लिए प्रौद्योगिकी में आत्मनिर्भरता के महत्व को सामने लाता है। ऐसे ही एक प्रयास में, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान, मुंबई (आईआईटी मुंबई ) के प्राध्यापक उदयन गांगुली और उनके समूह ने आंकड़ों और ई-कॉमर्स एवं बैंकिंग लेनदेन के भंडारण की सुरक्षा के लिए एक हार्डवेय

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Bengaluru | फ़रवरी 15, 2019
छायाचित्र : श्री. गिरीश पंत

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के संगणक विज्ञान एवं अभियांत्रिकी  विभाग के प्राध्यापक नितिन सक्सेना को बीजगणित कॉम्प्लेक्सिटी थ्योरी में उनके काम के लिए २०१८ के शांति स्वरुप भटनागर पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। कम उम्र मे ही भटनागर पुरस्कार पाने वाले प्राध्यापक सक्सेना, कम्प्यूटेशनल कॉम्प्लेक्सिटी, बीजगणितीय ज्यामिति आदि क्षेत्रों में शोध कार्य कर रहे हैं।

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फ़रवरी 4, 2019

१३ नवंबर २०१८ को इंफोसिस साइंस फाउंडेशन (आईएसएफ) ने इंफोसिस पुरस्कार विजेताओं की घोषणा की है। विजेताओं में भारतीय संस्थानों से, भारतीय विज्ञान संस्थान बेंगलुरू के दो प्राध्यापक, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय, नई दिल्ली और टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ फंडामेंटल रिसर्च, मुंबई से एक-एक प्राध्यापक हैं।

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