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News

मुंबई | फ़रवरी 24, 2020
दवा-प्रतिरोधी क्षय रोग के खिलाफ लड़ाई में बाधाएँ

क्षय रोग के प्रसार को नियंत्रित करना भारत के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती रही है, क्योंकि क्षय रोग के विश्व के एक चौथाई से ज़्यादा मामले यहाँ मिलते हैं। क्षय रोग बैक्टीरिया में तेज़ी से दवा-प्रतिरोध के चलते यह स्थिति और ज़्यादा बढ़ गई है। २०१७ तक, भारत में, बहुदवा-प्रतिरोधी क्षय रोग के १,४७,००० मामले दर्ज किए गए। हालाँकि सरकार ने इसे नियंत्रित करने के उद्देश्य से संशोधित राष्ट्रीय क्षय रोग नियंत्रण जैसे कार्यक्रम की पहल की है लेकिन संतोषजनक परिणाम नहीं मिले हैं। दवा-प्रतिरोधी क्षय रोग का सामना कर रहे प्रति व्यक्ति की बाधाओं को समझकर इस बीमारी के प्रसार से निपटने का

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बेंगलुरु | जनवरी 20, 2020
एक आसान रक्त परीक्षण अब अकाल प्रसव का परीक्षण कर भारत में लाखों बच्चों की जान बचा सकता है

मनुष्यों में, एक स्वस्थ गर्भावस्था लगभग ४० सप्ताह तक रहती है। हालांकि, दुनिया भर में अनुमानित १.५ करोड़ बच्चों का जन्म लगभग ३७ सप्ताह से पहले ही हो जाता है। अपरिपक्व जन्मों से जुड़ी जटिलताओं के कारण प्रत्येक वर्ष लगभग दस लाख बच्चे मारे जाते है एवं यह पाँच साल से कम उम्र के बच्चों में मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। भारत में हर साल लगभग ३५ लाख बच्चे जन्म लेते हैं। भ्रूण के विकास को समझने के लिए अल्ट्रासाउंड उपकरणों की कमी के कारण इनमें से कई बच्चों को गर्भावस्था में सही देखभाल प्राप्त नहीं होती।

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बेंगलुरु | दिसम्बर 18, 2019
भारतीय मौसम विभाग ने २०१९ के लिए सामान्य मानसून की भविष्यवाणी की है!

दक्षिण भारत, जो अभी चिलचिलाती गर्मी से पीड़ित है और मानसून का इंतजार कर रहा है जिसे जून के महीने में कुछ राहत मिल सकती है, लेकिन ऐसा लगता है कि यह प्रतीक्षा अधिक लम्बी और असुखमय होगी। एक प्रेस विज्ञप्ति में, भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) ने घोषणा की है कि पूरे देश में, दक्षिण-पश्चिम मानसून वर्षा “सामान्य” रूप से होने की संभावना है। यह भविष्यवाणी करता है कि मात्रात्मक रूप से, बारिश जून-सितंबर के दौरान “लंबी अवधि के औसत या एलपीए” (जो ८९ सेंटीमीटर मात्रा है) का लगभग ९६% होने की उम्मीद है। यह मात्रा १९५१-२००० के बीच देश में होने वाली वर्षा की औसत है, और २०१९ में, इस मा

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Bengaluru | नवंबर 25, 2019
टीबी या क्षय रोग से लड़ने के लिए नई दवाओं पर शोध

टीबी या क्षय रोग, जो माइकोबैक्टीरियम ट्यूबरक्लोसिस नामक बैक्टीरिया के कारण होता है, दुनिया भर में मृत्यु का एक प्रमुख कारण है। अकेले २०१७ में, दुनिया भर में १ करोड़ लोग इस बीमारी से प्रभावित थे, और लगभग १६ लाख लोगों ने इसकी वजह से दम तोड़ दिया। कई मौजूदा दवाओं के प्रतिरोध विकसित करने वाले बैक्टीरिया के कारण, भारत जैसे देशों में यह स्थिति गंभीर हो रही है। हाल ही के एक अध्ययन में, वीर नर्मद दक्षिण गुजरात विश्वविद्यालय, गुजरात के शोधकर्ताओं ने ट्यूबरक्लोसिस  के खिलाफ कुछ संभावित दवाओं का विकास किया है और टीबी बैक्टीरिया और अन्य रोगाणुओं के प्रतिकूल उनकी दक्षता का पर

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दिल्ली | अगस्त 19, 2019
अस्पतालों का आईसीयू बना दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया का नया ठिकाना

दिल्ली विश्वविद्यालय, वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज, सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली और स्माइल इनक्यूबेटर, स्वीडन के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए एक नवीन अध्ययन में गहन देखभाल इकाइयों (आईसीयू) में भर्ती रोगियों में दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया के पाए जाने के खतरनाक मामले सामने आए हैं। जर्नल ऑफ़ एंटीमाइक्रोबियल रेसिस्टेंस एंड इंफेक्शन कंट्रोल में प्रकाशित इस अध्ययन से अस्पतालों में आईसीयू की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है, जहां ज्यादातर मरीज़ पहले से ही गंभीर स्थिति में होते हैं

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नई दिल्ली | जुलाई 22, 2019
मिली सेकेंडों में कई रोगों का पता लगाने की दिशा में शोध

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के शोधकर्ताओं ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डीप लर्निंग का उपयोग कर मलेरिया, तपेदिक, आंतों के परजीवी, और सर्वाइकल कैंसर का पता लगाने के लिए एक धारणीय उपकरण विकसित किया  है।

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बेंगलुरु | जुलाई 15, 2019
भारत में हर साल बच्चों में दमा (अस्थमा) के लगभग ३.५ लाख नए मामले सामने आ रहे है

वैश्विक अध्ययन कहता है कि वाहनों से होने वाले वायु प्रदूषण के कारण दमा दुनिया भर के लाखों बच्चों को प्रभावित करता है।

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बेंगलुरु | जून 10, 2019
Photo: Hemidactylus  vijayraghavani sp. by Zeeshan A. Mirza

कर्नाटक में खोजी गयी छिपकली की एक नयी प्रजाति को हेमिडेक्टीेलस विजयराघवानी नाम दिया गया है, जो भारत सरकार के प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार, प्राध्यापक विजयराघवन के नाम से प्रेरित है।

इस खोज के श्रेयस्कर राष्ट्रीय जीवविज्ञान केंद्र (एन सी बी एस), बेंगलुरु स्तिथ प्राध्यापक विजयराघवन की प्रयोगशाला से जुड़े शोधकर्ता श्री जीशान मिर्ज़ा हैं. इस अध्ययन के परिणाम, शोधपत्रिका फैलोमेडुसा में प्रकाशित हुए हैं, और इसे सिन्गिनवा कन्सेर्वटिव फाउंडेशन एवं न्यूबै ट्रस्ट लिमिटेड की ओर से आंशिक वित्तीय सहायता प्राप्त हुई है।

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Bengaluru | जून 6, 2019
दवा-प्रतिरोधी रोगाणुओं को बाहर निकालने के लिए एक जांच-सूची

वैज्ञानिकों ने सुपरबग के खिलाफ अस्पतालों को इससे निपटने के लिए अनुशंसित कार्यों का एक समूह प्रस्तावित किया है।

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दिल्ली | जून 3, 2019
पश्चिमी घाट में संकरे मुँह वाले मेंढक की एक नई प्रजाति खोजी गई

हाल ही में हुए अध्ययन में शोधकर्ताओं ने केरल के पश्चिमी घाट में मेंढक की एक नयी प्रजाति खोजी है। माइक्रोहाइला डरेली नामक यह प्रजाति माइक्रोहाइला जीनस  से संबंधित है जिसे आमतौर पर संकरे-मुँह वाला मेंढक कहा जाता है क्योंकि इसका शरीर त्रिकोणीय-आकृति और नुकीले थूथन वाला है। इस प्रजाति  के मेंढक जापान, चीन, भारत, श्रीलंका और दक्षिणपूर्व एशिया में फैले हुए हैं।

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