Sorry, you need to enable JavaScript to visit this website.

IIT Bombay

Mumbai | सितंबर 21, 2020
Soil check: How much water does your soil contain?

चित्र: यान कोपरिवा, अनस्प्लैश

शोधकर्ताओं ने मिट्टी की आर्द्रता जाँचने के लिए सूक्ष्म ग्रैफीन कणों की मदद से एक सेंसर विकसित किया हैं।

General, Science, Technology, Ecology, Deep-dive
Mumbai | सितंबर 14, 2020
ठोस पदार्थों में त्रुटियों को समाविष्ट  करके संगणन की गति बढ़ाई जा सकती है

शोधकर्ताओं ने इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की गति में सुधार करने के लिए ठोस पदार्थों में त्रुटियों के प्रभाव की जाँच की।

 

General, Science, Technology, Engineering, Deep-dive
Mumbai | सितंबर 9, 2020
अरबी के पत्ते पानी का विकर्षण कैसे करते हैं ?

शोधकर्ताओं ने जल विकर्षक पदार्थ बनाने के लिए अरबी के पत्तों की संरचना का अध्ययन किया 

General, Science, Deep-dive
मुंबई | सितंबर 1, 2020
पार्किंसन रोग की शुरुआत का पता लगाने की दिशा में शोधकार्य

शोधकर्ता उन आणविक घटनाओं को उजागर करते हैं, जो आमतौर पर पार्किंसन रोग में देखे जाने वाले प्रोटीन समूहों का निर्माण करते हैं।

पार्किंसन रोग एक न्यूरोलॉजिकल विकार है जिसमें हमारे मस्तिष्क की तंत्रिका कोशिकाओं में पाया जाने वाला प्रोटीन "अल्फा-सिन्यूक्लिन" रेशा नुमा संरचनाओं में जमा हो जाता है, जिसके परिणामस्वरूप शरीर के अंगों में कठोरता, चलने में परेशानी होना, याददाश्त में कमी, संतुलन और तालमेल इत्यादि समस्याएँ होती हैं। इसकी असली वजह क्या हैं? ये आज भी एक रहस्य बना हुआ है, और कई शोधकर्ता इस दिशा में काम कर रहे है।

General, Science, Technology, Health, Deep-dive
मुम्बई | अगस्त 27, 2020
कक्ष तापमान पर क्वान्टम सूचना प्रक्रिया हेतु एक नया प्रस्ताव

शोधकर्ताओं ने क्वांटम कंप्यूटिंग को संभव बनाने के लिए परमाण्विक रूप से पतले पदार्थ से प्राप्त अनूठे नैनोचिप्स का प्रस्ताव दिया है।

General, Science, Technology, Engineering, Deep-dive
बेंगलुरु | अगस्त 24, 2020
अप्रत्यक्ष रूप से दर्द को समझना

मूत्राशय की तंत्रिकोशिकाओं का एक कंप्यूटर आधारित मॉडल

General, Science, Technology
मुंबई | अगस्त 7, 2020
बेहतर थर्मोइलेक्ट्रिक उपकरण बनाने के बारे में प्रकाशिकी (Optics ) से प्राप्त नई समझ

थर्मोइलेक्ट्रिक उपकरणों की नई अभिकल्पना से शक्ति और कार्यक्षमता दोनों बढ़ाई जा सकती हैं

इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का उपयोग करते समय ऊष्मा की उत्पत्ति एक बड़ी समस्या है। इससे न केवल वैद्युतीय ऊर्जा का ह्वास होता है बल्कि उपकरण को भी क्षति पहुँच सकती है। थर्मोइलेक्ट्रिक पदार्थों, जो ऊष्माको विद्युतमें और विद्युत् को ऊष्मा में बदल सकते हैं, का उपयोग करके उत्पन्न हुई ऊष्मा को वापस विद्युत् में बदल सकते हैं जिससे ऊर्जा की बचत होगी और उपकरणों को अधिक गरम होने से बचा सकेंगे।

General, Science, Technology, Engineering, Deep-dive
मुंबई | जुलाई 20, 2020
Machine Learning for Faster Drug Discovery

मशीन लर्निंग तकनीक के उपयोग से औषधीय रूप से महत्वपूर्ण अणुओं की रासायनिक संरचना में फेरबदल के लिए सर्वश्रेष्ठ उत्प्रेरक की खोज

General, Science, Technology, Engineering, Deep-dive
बेंगलुरु | जुलाई 3, 2020
प्रयोगशाला में कोशिकाओं की पैटर्निंग का एक किफायती तरीका

प्रोटीन प्रिंट करने और कोशिकाओं को उगाने के लिए माइक्रोकॉन्टेक्ट प्रिंटिंग स्टैम्प बनाने के लिए शोधकर्ताओं ने लागत प्रभावी तकनीकें प्रस्तावित की हैं|

General, Science, Technology, Deep-dive
IIT Bombay की  सदस्यता लें!