विशेष-मिश्रधातुओं में बोराइड्स का उपयोग कर उच्च तापमान स्थितियों में उन्नत प्रदर्शन पर प्रकाश डालता नवीन अध्ययन

IIT Bombay

Mumbai
2 फ़रवरी 2024

विशेष-मिश्रधातुओं में बोराइड्स का उपयोग कर उच्च तापमान स्थितियों में उन्नत प्रदर्शन पर प्रकाश डालता नवीन अध्ययन

Mumbai
3 जनवरी 2024

आईआईटी मुंबई के एक अध्ययन के अनुसार उच्च ऊर्जा गुरुत्वीय तरंगें फास्ट रेडियो बर्स्ट को प्रेरित कर सकती हैं।

Mumbai
14 दिसम्बर 2023

एक महत्वपूर्ण जैविक प्रक्रिया की दीर्घकालीन अवधारणा पर संदेह व्यक्त करता एक अभूतपूर्व अध्ययन।

Mumbai
11 दिसम्बर 2023

ऑक्सीकरण-प्रतिरोधी निकल-आधारित विशेष मिश्रधातु स्वच्छ कोयला-आधारित विद्युत उत्पादन की दिशा में एक स्वीकार्य कदम है।

Mumbai
21 नवंबर 2023

वर्ष २०२३ के भौतिक विज्ञान के नोबेल पुरस्कार के क्षेत्र में आईआईटी मुंबई के शोधकर्ता के योगदान

Mumbai
6 नवंबर 2023

पदार्थ अपने ऊपर आपतित 87% से भी अधिक प्रकाश को उपयोगी ऊष्मा ऊर्जा में परिवर्तित करता है।

मुंबई
4 नवंबर 2023

एक नया एल्गोरिदम जो छोटे रोबोट या ड्रोन से शूट किए गए वीडियो से अनभिप्रेत गति के प्रभाव को हटा देने में सक्षम है

Mumbai
1 नवंबर 2023

आईआईटी मुंबई के प्राध्यापक देबब्रत मैती को वैज्ञानिक उपादेयता (वैलोराईजेशन) से संबन्धित उनके उत्कृष्ट कार्य के लिए एसएसबी पुरस्कार 2022 से सम्मानित किया गया।

मुंबई
19 अप्रैल 2023

भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान मुंबई (आईआईटी बॉम्बे) के दो नवीन अध्ययन स्फटिक (क्रिस्टल) में परमाणुओं की व्यवस्था में अन्तर्निहित

मुंबई
11 मार्च 2023

कई परमाणुओं से मिलकर जब अणु निर्मित होते हैं, तो इन परमाणुओं के जुड़ने की प्रक्रिया पृथक-पृथक हो सकती है। एक ही अणु के दो रूपों की संरचना समान हो सकती है किन्तु यदि परमाणुओं की व्यवस्था पृथक-पृथक होती है तो समभारी (आइसोमर्स) बनते हैं। कुछ समभारियों में ऐसी संरचनाएं हो सकती हैं जो एक दूसरे की दर्पण छवियां (मिरर इमेज) हों। ऐसे अणुओं को काइरल अणु कहते हैं। वैज्ञानिक ऐसे अणुओं के अध्ययन में रुचि रखते हैं, उदाहरण स्वरुप पेनिसिलिन, क्योंकि इसके अणुओं की एक व्यवस्था जीवन रक्षक हो सकती है जबकि दूसरी घातक हो सकती है!